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Monday, February 24, 2014

“राजभाषा नियम एवं सॉफ्टवेर प्रशिक्षण” 24 से 27 फरबरी, 2014 उद्घाटन समारोह संपन्न :

हिन्दी हमारी राजभाषा है एवं इसका ज्ञान हम सभी को होना चाहिए इसी उदेश्य को ध्यान में रखते हुये  सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौघोगिकी संस्थान, सूरत के द्वारा पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “राजभाषा नियम एवं सॉफ्टवेर प्रशिक्षण” का आयोजन 24 से 27 फरबरी, 2014  को  किया  गया | इस राष्ट्रीय कार्यशाला में संस्थान के सदस्यों के अतिरिक्त विभिन्न प्रदेशों के 54 प्रतिभागियों ने भाग लिया |  
कार्यशाला के उद्घाटन धूमधाम से संपन्न हुआ | समारोह मे मुख्य अतिथि पद पर प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता, डॉ. सुभाष चन्द्र (सेवानिबृत निदेशक, एन.आई.टी.सी दिल्ली) इनके अलावा संस्थान के का. निदेशक डॉ. एस. ए. वासनवाला, का. कुलसचिव डॉ. डी. वी. भट्ट, का. हिन्दी  अधिकारी डॉ. के डी यादव मंचासीन थे |

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया गया तद्पश्चात डॉ. के डी यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की |  मुख्य अतिथि ने हिन्दी  की उपयोगिता के संदर्भ मे कई तथ्यों व राजभाषा नियमों  को प्रस्तुत किया और काम-काज के दौरान अनुवाद,टिप्पणियों के महत्वों एवम जरूरतों को भी समझाया का. निदेशक व का.कुलसचिव ने आयोजित कार्यशाला प्रशिक्षण की आवश्यकता को, पत्राचार के दौरान संस्थान मे घटित घटनाओं को उदहारण स्वरुप पेश कर समझाया और भविष्य में ऐसे और भी कार्यशाला आयोजित किये जायेंगे ऐसी घोषणा की | अंत में सभी अतिथियों को भेंट देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ उदघाटन समारोह  संपन्न हुआ | मंच संचालक की भूमिका स्वेता शाह एवं चंद्रशेखर प्रसाद निभा रहे थे |
कार्यशाला में भारत सरकार के  राजभाषा से जुड़े बिभिन्न राजभाषा नीति नियमों, व्याकरणिक भूलें एवं समाधान  देवनागरी लिपि एवं मानक वर्तनी  एवं कार्यशालयों का महत्व के बारों में,अर्धसरकारी पत्र  एवं सरकारी पत्रों का अनुवाद किस तरह से किया जाना चाहिए एवं  किस तरीके से किया जाना  चाहिए   किन किन बातों का ख्याल रखना चाहिए आदि के बारे में , डॉ. सुभाष चन्द्र एवं श्रीमती मीना गुप्ता(उपनिदेशक,राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो) द्वारा बताया जायेगा| 

Friday, February 21, 2014

धूमधाम से मनाया स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस

सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,सूरत एवं विवेकानंद शैक्षणिक सांस्कृतिक एवं क्रीडा संस्थान  के युग्म बैनर तले स्वामी विवेकानंद की 150वी जयंती स्वामी विवेकानंद भवन छात्रावास संपन्न हुआ|  समारोह में कार्यक्रम के अतिथि  डॉ. आर. ए. क्रिस्चन, डॉ. वी. एल. मानेकर, डॉ. जी. जे. जोशी, डॉ रविकांत, श्री एन. के. दत्ता, श्री शैलेन्द्र कुमार एवं स्वामी विवेकानंद भवन छात्रावास के मुख्य छात्रावास अधिक्षक डॉ ए. के. राय मंचासीन थे|


कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया | फिर आज बदलते परिवेश में भी स्वामी विवेकानंद जी के विचार कितने सार्थक एवं प्रासंगिक है –इसपर देर शाम चर्चा हुई | डॉ जी जे जोशी ने स्वामी जी के जीवन चरित्र- युवा पीढ़ी एवं उनके बताये गए संदेशों को विस्तृत रूप से समझाया | मौके पर डॉ आर ए क्रिस्चन ने कहा -सर्वधर्म सम्भाव के हिमायती थे विवेकानंद, मानवजाति का दुर्भाग्य है कि वह उन महर्षियों के सिधान्तो को न अपनाकर पथभ्रष्ट  हो रहे हैं |इसप्रकार सभी अतिथियों ने अपने अपने मंतव्य रखे |मौके पर छात्रावास प्रवंधन सचिव एवं विवेकानंद शैक्षणिक सांस्कृतिक एवं क्रीडा संस्थान के का. अध्यक्ष (गुजरात प्रभाग ) चन्द्रशेखर प्रसाद  ने चर्चा के दौरान कहा कि आखिर क्यों स्वामी जी का जीवन आज भी प्रासंगिक है ? इस बात कि पुष्टि के लिए उन्होंने स्वामी जी के जीवन चरित्र को आलोकित किया |जिस तरह अँधेरा  चीरने के लिए एक किरण काफी है उसी तरह युवा पीडी को मार्गदर्शित करने के लिए उनके सन्देश प्रयाप्त है | जहाँ समाज में भ्रष्टाचार ,असंतोष  व्याप्त है, नारियों के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे है ऐसी  परिस्थितियों में स्वामी जी युवाओं  के लिए प्रेरणा स्रोत हो सकते है| साथ ही छात्रावास प्रवंधन सचिव प्रतिक आनंद, अमित कुमार, प्रशांत अग्रवाल एवं छात्र की ओर से दीपंकर दास, आलोक कुमार, एवं जितेन्द्र कुमार  ने भी अपने –अपने मंतव्य रखे और स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला| अंत में डॉ. ए. के. राय  ने कहा आज समाज में संस्कारित व अनुशासित युवाओं की आवश्यकता है। आज का युवा पथ भ्रमित हो रहा है। अगर जरुरत है कि युवा पीढ़ी स्वामीजी के सन्देशों को चरितार्थ करे | स्वामी जी का सन्देश सभी छात्रों तक पहुंचे ,लोग उनको याद करके उनके सन्देश को चरितार्थ करे इसी लिए छात्रावास में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया | उन्होंने  कार्यक्रम के आयोजको को धन्यवाद एवं शुभकामना दिया |

लोकतेज, सूरत

Monday, January 27, 2014

पत्रिकाएं पढ़ें :


सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूरत से प्रकाशित पत्रिकाएं |
संपादक : चन्द्रशेखर प्रसाद 

http://issuu.com/shekhar.svnit/docs/svnit__sammukh__annual_magazine_201


Sunday, January 26, 2014

विश्व हिंदी दिवस समारोह, 2014 सम्पन्न :

                   सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सूरत के द्वारा वर्ष 2014  में विश्व हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया | इस अवसर पर संस्थान के द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये | 8 जनवरी को स्कूली बच्चों के लिए सुई धागा,नींबू दौड़, गणित दौड़, रस्सी कूद एवं श्रुतलेख  प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | 9 जनवरी को संस्थान के विद्यार्थियों के लिए सुई धागा, श्रुतलेख, मैराथन (विश्व एकता दौड़) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | साथ ही 10 जनवरी को संस्थान में सुबह सुबह घुमाने आने वाले सूरत निवासियों के बीच राजभाषा प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु उनके लिए तेज टहलो प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था| समाजसेवा निमित राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा 10 जनवरी को सुबह रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया गया था | इस अवसर पर सूरत निवासी, स्कूली विद्यार्थी व संस्थान परिवार के सभी सदस्यों (छात्र,  शिक्षक, कर्मचारी) के द्वारा बढ-चढ उत्साह देखा गया एवं कुल 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया | सभी ने  अपनी प्रतिभा को उजागर करने की कोशिश की | विजयी प्रतिभागी को चुनने में निर्णायक मंडल को काफी मंथन करना पड़ा और प्रत्येक प्रतियोगिताओ के लिए प्रथम, द्वितीय, तृतीय, एवं दो सांत्वना पुरस्कार  निर्धारित किये गए |


                                 10 जनवरी 2013 को सुवह संदेश लेखन का कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व हिन्दी दिवस के बारे में जानकारी देना एवं हिन्दी के प्रति जागरुकता लाना | हमारे संस्थान में सुवह टहलने एवं पर्यावरण का  आनन्द लेने के लिये के लिये शहर के कोने कोने से लोग आते हें | संदेश लेखन कार्यक्रम में लोगों से यह कहा गया कि हिन्दी को विश्व पटल पर देखने के लिये आप अपना संदेश लिखें इस कार्यक्रम में सभी लोंगों ने उत्साहित होकर हिस्सा लिया एवं अच्छे अच्छे संदेश लिखे | इस अवसर पर जलपान की व्यवस्था की गयी एवं सभी लोगों को राजभाषा प्रकोष्ठ के द्वारा डिजाइन कि गये नये वर्ष के कैलन्डर भी वितरित किये गये |


                                     10 जनवरी 2013 को सांयकाल विश्व हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें संस्थान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे | समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य आयुक्त भविष्य निधि,मंच पर विराजमान थे | इनके अलावा सूरत व संस्थान के निदेशक डॉ. पी. डी. पोरे, कुलसचिव एच.ए.परमार,  एवं का. हिंदी अधिकारी डॉ. के.डी.यादव मंचासीन थे |कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ के साथ स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम के शुरुआत सरस्वती वंदना एवं  दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गयी सर्वप्रथम डॉ. के डी यादव ने विश्व हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है एवं इसका क्या उद्देश्य है इसके बारे में बताया | तद्पश्चात आयोजित कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी इस मौके पर मुख्य अतिथि  ने हिन्दी  की  उपयोगिता के संदर्भ मे कई तथ्यों को प्रस्तुत किया और काम- काज के दौरान हिंदी के महत्वों एवं जरूरतों को भी समझाया | साथ ही कहा  कि  आज की परिस्थितियों में विज्ञान व् हिंदी का विकास दोनों ही महत्वपूर्ण है जो ऐसे कार्यक्रम के द्वारा ही संभव हैउनका मानना है कि हिंदी ही व्यक्ति कि भावनात्मक अभिव्यक्ति को व्यक्त करने में सक्षम हैमौके पर उन्होंने संस्थान के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रसंशा की| उन्होंने बताया की सूरत शहर का विश्व हिन्दी दिवस का यह पहला कार्यक्रम है जो  सूरत शहर के अन्य कार्यालयों के लिए प्रेरणा श्रोत है| उन्होंने यह भी कहा की वह सूरत शहर के अन्य कार्यालयों को भी विश्व हिंदी दिवस मनाने के लिए प्रेरित करेंगे| निदेशक व कुलसचिव ने आयोजित कार्यक्रम की आवश्यकता को बताया और भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे ऐसी घोषणा की|


                       विश्व हिन्दी दिवस के शुभ अवसर पर संस्थान की पत्रिका “ध्वनि” प्रथम संस्करण  का विमोचन किया गया| इसमे राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रम प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं व अन्य सभी गतिविधियों के सन्दर्भ में विस्तृत जानकारी है |इसके आलावा संस्थान से जुड़े अन्य आवश्यक जानकारीयों  के साथ साथ यह साहित्य व मनोरंजन का एक अच्छा मध्यम है| इसके संपादक चन्द्रशेखर प्रसाद एवं यश राज चौधरी हैं| जिन्होंने अपनी सोंच को “ध्वनि” के मध्यम से नया आयाम दिया| साथ ही देश के सुप्रसिद्ध कवियों के स्वरचित कविताओं के संग्रह “काव्य कुम्भ” एलबम (सी.डी.) जिसमे संस्थान के छात्र चन्द्रशेखर प्रसाद(सदस्य राजभाषा प्रकोष्ठ)की भी स्वरचित कवितायें है| अतिथियों के कर-कमलों से “काव्य कुम्भ” एलबम (सी.डी.)का भी लोकार्पण किया गया| समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को मंचासीन अतिथियों  के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत किया गया, जिसमे राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा कुल 87 हजार रुपये कि नकद राशि का वितरण किया गया| साथ ही राजभाषा प्रकोष्ठ के द्वारा डिजाइन किय गये नये वर्ष के कलेन्डर, प्लानर का भी विमोचन किया गया| अंत में सभी अतिथियों को भेंट देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ विश्व हिंदी दिवस समारोह संपन्न हुआ| मंच संचालन की भूमिका
चन्द्रशेखर प्रसाद निभा रहे थे |

“हिंदी सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण कार्यशाला” (21-25 अक्टूबर 2013) सम्पन्न :

                हिन्दी हमारी राजभाषा है एवं इसका ज्ञान हम सभी को होना चाहिए इसी उदेश्य को ध्यान में रखते हुये सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौघोगिकी संस्थान,सूरत के राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) सूरत  के सहयोग से पांच दिवसीय “हिंदी सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण कार्यशाला” का आयोजन 21 से 25 अक्टूबर 2013 को किया जा रहा है|


                सोमवार 21 अक्टूबर 2013 को इस कार्यशाला का उद्घाटन किया गया समारोह में मुख्य अतिथि पद पर गुंजन मिश्रा (मुख्य आयकर आयुक्त एवं नराकास अध्यक्ष) विशिष्ट अतिथि पद प्रसेनजीत सिंह (आयकर आयुक्त (अपील) एवं राजभाषा अधिकारी) एवं डॉ माणिक मृगेश (पूर्व सचिव नरकास बड़ोदरा) संस्थान के कुलसचिव एच.ए.परमार, का. हिंदी अधिकारी डॉ. के.डी. यादव मंचासीन थे | कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन करके किया गया| मौके पर डॉ. के. डी. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की जिसमे उन्होंने विस्तारपूर्वक अगले पांच दिनों तक होने वाले कार्यक्रमों का समूचा विवरण दिया | मंच सञ्चालन करते हुए चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा वैश्वीकरण के इस दौर में जहाँ भाषाएँ और संस्कृतियाँ अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है,वहां भारतीय संस्कृति और हिंदी नित नए सोपानों को छूकर अपना विशिस्ट स्थान हासिल कर रही है| राजभाषा प्रचार–प्रसार हेतु आयोजित कार्यशाला के उद्देश्य को आलोकित किया|


                             मुख्य अथिति श्रीमती गुंजन मिश्रा ने कहा कि कोई भी भाषा में काम करने के लिये सबसे जरूरी है कि आप को उस भाषा पर स्वाभिमान होना चाहियेI अधिकतर समय हम अंग्रेजी का इस्तेमाल सिर्फ दिखावे के लिये करते हैंएस.वी.एन.आई.टी. सूरत ऐसे कई सफल राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित कर चुके है|इसके लिए मैं सभी प्रशासनिक एवं हिंदी अनुभाग से जुड़े अधिकारीयों को बधाई देती हूँ| विशिष्ट अतिथि श्री प्रसेनजीत सिंह जी ने कहा है कि यह कार्यशाला नराकास के सदस्यों के लिये यह बहुत उपयोगी है एवं राष्ट्रीय प्रौघोगिकी संस्थान, एवं नराकास सूरत के द्वारा किया जा रहा सराहनीय प्रयास है| इसलिए सभी प्रतिभागियों को इस कार्यशाला का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए| डॉ माणिक मृगेशने कहा कि हिन्दी को  मजबूत  तथा प्रभावी बनाने के लिये किसी भी भाषा के शब्दो का इस्तेमाल किया जा सकता है उसके लिये शुद्ध हिन्दी का ज्ञान होना जरूरी नहीं है | हिंदी को बढ़ावा देने के लिए आज अच्छी सोच एवं दिल से प्रयास करने की जरुरत है | कुलसचिव एच.ए.परमार ने कहा कि हमारे संस्थान द्वारा  हिंदी के क्षेत्र में उच्य स्तरीय कार्य किया है इसलिय संस्थान को गोल्डन जुबली वर्ष में “गोल्डन पीकोक“ सम्मान पुरस्कार की मानक उपाधि से अलंकृत व विभूषित किया गया था | बेहतर और भी बेहतर करने हेतु हमारा प्रयास जारी रहेगा| कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञ के रूप में राजेन्द्र वर्मा(सहायक निदेशक,गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग पुणे) ने कार्यशाला में सभी ओ.एस. में यूनिकोड सक्रीय करने के तरीके को बताया|  


          
                             उद्घाटन समारोह संपन्न होने के पश्चात कार्यशाला निर्धारित रूप-रेखा के अनुसार चल रही है| इस कार्यशाला में भारत सरकार के राजभाषा से जुड़े विभिन्न राजभाषा नीति नियमोंव्याकरणिक भूलें एवं समाधान देवनागरी लिपि एवं मानक वर्तनी एवं अर्धसरकारी पत्र, टिप्पणी लेखन एवं कार्यालय ज्ञापन,परिपत्र एवं सरकारी पत्र किस तरीके से लिखा जाए,लिखते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए जेसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी साथ ही आवश्यकतानुसार संवंधित सॉफ्टवेयर का  प्रशिक्षण दिया जायेगा और आखिरी दिन प्रतिभागियों के बीच सिखाये गए विषयों से संवंधित परतियोगिता का भी आयोजन किया जायेगा | जिसमे प्रथम, द्वितीय,तृतीय व दो सांत्वना पुरस्कार होंगे जिसकी राशि क्रमशः 2500,2000,1500, 1000 व 1000 रुपये होंगे |इस राष्ट्रीय कार्यशाला में संस्थान के  समिति सदस्यों, नराकास सदस्यों सहित कुल 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया 

Saturday, September 14, 2013

हिंदी पखवाड़ा (2013) सम्पन्न :

संस्थान के नए शैक्षणिक सत्र के पहले उत्सव का नाम है हिंदी पखवाड़ा | प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौधोगिकी संस्थान –सूरत के राजभाषा विभाग  द्वारा हिंदी प्रचार-प्रसार नीति के तहत राजभाषा प्रकोष्ठ (हिन्दी सेल) इसे प्रतिवर्ष सितम्बर माह के प्रथम पखवाड़े अर्थात 1-14 सितम्बर को आयोजित करता है जिसमें भिन्न-भिन्न प्रकार के कई कार्यक्रम तथा प्रतियोगिताएँ छात्र/छात्रा तथा संस्थान परिवार (अधिकारी, कर्मचारी, स्कूल के बच्चे इत्यादी) दोनों श्रेणियों में आयोजित किये जाते हैं| उदघाटन समारोह सम्पन्न होने के पश्चात् सितम्बर को  तर्क युद्ध आयोजित किया गया| इसमें प्रतिभागी को पक्ष-विपक्ष दोनों में बोलना होता है तथा घण्टी बजने पर अपना मत परिवर्तन करना होता है| इसमें पहले सोचने फिर बोलने के लिए 3 -3 मिनट का समय दिया गया| छात्रों में प्रखर वक्ता की छवि देख सभी हतप्रभ थे| साथ ही श्रुतलेख प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था जिसमे संस्थान के 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया |
                           
                  4 सितम्बर  को  छात्रों की वाकपटुता का अवलोकन करने के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया थाइसमे एस.वी.पी. विद्यालय के छात्रों ने भी बड़े उतसाह के साथ भाग लिया | 6 सितम्बर को  प्रश्नोत्तरी (क्विज) तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | खचाखच भरे हॉल में करीब 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर हिंदी के प्रति अपनी अभिरुचि दिखाई | प्रश्नोत्तरी में  60मिनट में पचास प्रश्न दिए गए थे जो विभिन्न श्रेणियों में थे| साथ ही निबंध प्रतियोगिता में सबकी अवलोकन क्षमता तथा अभिव्यक्ति को परखा गया | 8 सितम्बर को नजरिया (स्लाइड शो) का आयोजन किया गया जिसमें कुछ वीडियो तथा चित्र देखकर उसके बारे में अपने विचार लिखने थे | कुछ सामान्य ज्ञान तथा कल्पनात्मक प्रश्न भी दिए गए थे | इंजीनियरिंग कर रहे विद्यार्थियों के अंदर छिपे कला को बहार लाने के लिए चित्रकला प्रतियोगिताका भी आयोजन किया गया था | यह प्रतियोगिता स्कूली छात्रों के लिए भी आयोजन किया गया |सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सितम्बर के शाम को साथ ही अभिव्यक्ति (नाटक) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसमे समूहों ने हिस्सा लिया | साथ ही 13  सितम्बर को सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम छात्र कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया | जिसमें कुल 14 छात्र कवियों ने भाग लिया | इसमें अभियांत्रिकी छात्रों में छिपे कवियों का जौहर सामने आया | सभी रसों के संगम में गोता लगाते दर्शकगण दाद देने व तालियाँ बजाने से खुद को रोक नहीं पा रहे थे | काव्य रस की यह धारा देर शाम तक बहती रही एवं श्रोता इसकी अमृत वर्ष में देर शाम तक भींगते रहे| अंत में सभी कवियों को पुरस्कृत भी किया गया |


 14 सितम्बर, दिन शनिवार को हिंदी दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया| इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.एस.डी.शर्मा (विमानपत्तन निदेशक,सूरत) संस्थान के कुलसचिव एच.ए. परमार एवं कार्यकारी हिन्दी अधिकारी डॉ. के.डी.यादव मंचासीन थे| सर्वप्रथम डॉ. के.डी.यादव ने अपने स्वागत भाषण में विगत वर्ष के आयोजित कार्यशालाओं,गतिविधियों एवं प्रतियोगितों से लोगों को अवगत कराया साथ ही स्नेह व सम्मान युक्त शब्दों से अतिथियों का स्वागत किया| मुख्य अतिथि ने राजभाषा हिन्दी के विषय में चर्चा की साथ ही संस्थान के द्वारा हिन्दी प्रचार-प्रसार के लिए कर रहे प्रयासों के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की |


                        डॉ.शर्मा ने बताया की हिन्दी के प्रचार प्रसार में फिल्मों का बहुत बड़ा योगदान है लेकिन हिंदी भाषा के प्रयोग से वे धनार्जन भी करते है साथ ही लोकप्रिय भी बन जाते है परन्तु ‘फिल्म फेयर अवार्ड समारोह’में मंच पर जाके अंग्रेजी में बोलते है यह उन्हें शोभा नहीं देता| साथ ही उन्होंने कुछ व्यंग युक्त कवितायें सुनाकर लोगों का खूब मनोरंजन भी किया |
मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों से राजभाषा प्रकोष्ठ की वार्षिक पत्रिका सम्मुख के चतुर्थ संस्करण का भी लोकार्पण किया गया | हिंदी पखवाड़ा में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विभिन्न  विजेताओं को डॉ. शर्मा के कर-कमलों से पुरस्कृत किया गया|जिसमें प्रथम,द्वितीय,तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः 2500, 2000, 1500 रुपयों के साथ-साथ दो सांत्वना राशि 1000 रुपये थे| प्रतिभागियों के बीच कुल 1 लाख 26 हजार रुपये की राशि वितरित की गयी| कुलसचिव ने हिदी के महत्व को बताते हुए लोगों को हिंदी में कम-काज करने हेतु प्रेरित किया साथ ही यथा संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया |

                            इस कार्यक्रम को यादगार रखने के लिए अतिथियों को स्नेहयुक्त मोमेंटो भेंट देकर उनका आतिथ्य किया गया | अंत में डॉ के.डी.यादव के द्वारा आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन के साथ-साथ हिंदी पखवाड़ा प्रबंधक चन्द्रशेखर प्रसाद एवं यश राज चौधरी के सराहनीय सफल प्रयासों का प्रशंसा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य हेतु कमाना किया| मंच संचालक की भूमिका चन्द्रशेखर प्रसाद एवं सुरभि अग्रवाल निभा रहे थे |


Monday, November 26, 2012

साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला- हिंदी अनुवाद प्रशिक्षण का उदघाटन समारोह सम्पन्न:

             सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,सूरत के बैनर तले हिंदी प्रचार- प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत  साप्ताहिक राष्ट्रीय कार्यशाला- हिंदी अनुवाद प्रशिक्षण 26-30 नवंबर 2012  का उद्घाटन सोमबार को धूमधाम से संपन्न हुआ समारोह मे मुख्य अतिथि पद पर प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता,राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो के अधिकारी श्री वी आर नौटियाल जी एवं विशिष्ट अतिथि पद पर श्रीमती मीना गुप्ता जी विराजमान थे |इनके अलावा निदेशक डॉ. पी. डी. पोरे , कुलसचिव डॉ एच. ए. परमार , कार्यक्रम के संयोजक का. हिंदी अधिकारी डॉ. के. डी. यादव मंचासीन थे |



कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया | तद्पश्चात डॉ. के डी यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की | मौके पर मुख्य अतिथि प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता ने हिंदी की उपयोगिता के संदर्भ मे कई तथ्यों को प्रस्तुत किया और काम-काज के दौरान अनुवाद के महत्वों एवम जरूरतों को भी समझाया | साथ ही विशिष्ट अतिथि ने कहा  आज की परिस्थितियों में विज्ञान व् हिंदी का विकास दोनों ही महत्वपूर्ण है “जो ऐसे कार्यक्रम के द्वारा ही संभव है | साथ ही अनुवाद के महत्वों को भी आलोकित किया और प्रतिभागियों को आश्वासन भी दिया कि वो इस कार्यशाला सम्पन्न होने के वाद एक अच्छे अनुवादक भी हो जाएंगे | इसके लिए एक दूसरे को सहयोग करने की गुहार लगायी | कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संस्था के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी| निदेशक व कुलसचिव ने आयोजित कार्यशाला हिंदी अनुवाद प्रशिक्षण की आवश्यकता को , पत्राचार के दौरान संस्थान मे घटित घटनाओं को उदहारण स्वरुप पेश कर समझाया और भविष्य में ऐसे और भी कार्यशाला आयोजित किये जायेंगे ऐसी घोषणा की | कार्यशाला में लगभग 60 प्रतिभागी शरीक हुए  जो किसी न किसी संस्थान में राजभाषा से जुड़े हैं |अंत में सभी अतिथियों को भेंट देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ उदघाटन समारोह  संपन्न हुआ | मंच संचालक की भूमिका चन्द्रशेखर प्रसाद एवं यशराज चौधरी निभा रहे थे |


प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राजभाषा (हिंदी) भाषा से जुड़ी तकनीकी बारीकियों से बताना है | जो आज से आरम्भ हुई और सप्ताह भर  चलेगी |राजभाषा प्रचार-प्रसार के लिए संस्थान द्वारा किया जाने वाला एक प्रयास है | 

Friday, October 5, 2012

CHARGE HANDOVER CEREMONY(प्रभार ग्रहण समारोह संपन्न ):


सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौधोगिकी संस्थान सूरत के ISF अध्याय के बैनर तले इलैक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन विभाग में प्रभार ग्रहण समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ | मौके पर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अनिला चौधरी जी (तकनीकी निदेशक, दूरदर्शन केन्द्र, अहमदाबाद, (भारत) एवं संस्थान के प्रभारी निदेशक, डीन वेल्फेयर,एवं शाखा प्रमुख आसीन थे |
संस्थान में ISF अध्याय के अध्यक्ष चन्द्रशेखर प्रसादउपाध्यक्ष शुधांसुप्रभारी मुकेशकोषाध्यक्ष धारिन उपाध्याय व अन्य सदस्य खुशबू कुमारीनिशित शाहनील मोदी को बैच लगाकर मुख्यअतिथि व मंचासीन लोगों ने प्रभार सौंपा| इस ISF अध्याय के शिक्षिका सलाहकार रशिका धवसे एवं शिल्पी गुप्ता जी हैं|


गत वर्ष के अध्यक्ष अनिरुध मालपनि एवं अन्य सदस्यों को मंचासीन अतिथियों के कर-कमलों द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया | शाखाध्यक्ष ने ISF के बारे मे विस्तृत जानकारी दी|धन्यवाद ज्ञापन के बाद अनिला चौधरी जी द्वारा टेलीविजन प्रसारणपर विस्तृत जानकारी दी गयी |