Saturday, March 8, 2014

चुनावी उद्बोधन

जिसने किया था जम कर शोषण, दिया न भर पेट भोजन |
गोल-गोल किये थे वादे, चिकने-चुपड़े थे जिसके आश्वासन ||
जब सत्ता थी इनके हाथों में, चिपका रहा जो अपने सिंहासन |
वो नेता ही था, जो पांच बर्ष तक लौट के फिर आया नहीं था ||


अपने को, जनता का मालिक-मुक्तार समझता था |

अपने को, जनता का पालनहार समझता था ||
अपने को, ईश्वर का अवतार समझता था |
वो नेता ही था, जो अपने को सरकार समझता था ||



दबी-कुचली जनता बन, जी लिए बहुत तुम |

तुमको तुम्हारी पहचान कराने आया हूँ ||
भूल गए, स्वराज मिली थी वर्षों पहले तुमको |
उपयोग करो स्वाधिकार, याद दिलाने आया हूँ ||

जनता का,जनता द्वारा,जनता के लिए ही है सर्वस्व,जानो तुम |
मैं लोकतंत्र का चारण हूँ, इसकी महिमा तुमको बतलाने आया हूँ ||
सरकार बदलो, व्यवस्था बदलो, अब “सुराज्य” तुम्हें ही लाना है |
न्योछावर किया हो अपना जीवन तुम पर, उसको ही अपनाना है ||
                                            

                                                    © चन्द्रशेखर प्रसाद



Saturday, March 1, 2014

विज्ञान दिवस पर चन्द्रशेखर प्रसाद को "विज्ञान वन्धु " सम्मान से नवाजा गया |

विज्ञान दिवस पर चन्द्रशेखर प्रसाद को "विज्ञान वन्धु " सम्मान से नवाजा गया |






Monday, February 24, 2014

“राजभाषा नियम एवं सॉफ्टवेर प्रशिक्षण” 24 से 27 फरबरी, 2014 उद्घाटन समारोह संपन्न :

हिन्दी हमारी राजभाषा है एवं इसका ज्ञान हम सभी को होना चाहिए इसी उदेश्य को ध्यान में रखते हुये  सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौघोगिकी संस्थान, सूरत के द्वारा पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला “राजभाषा नियम एवं सॉफ्टवेर प्रशिक्षण” का आयोजन 24 से 27 फरबरी, 2014  को  किया  गया | इस राष्ट्रीय कार्यशाला में संस्थान के सदस्यों के अतिरिक्त विभिन्न प्रदेशों के 54 प्रतिभागियों ने भाग लिया |  
कार्यशाला के उद्घाटन धूमधाम से संपन्न हुआ | समारोह मे मुख्य अतिथि पद पर प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता, डॉ. सुभाष चन्द्र (सेवानिबृत निदेशक, एन.आई.टी.सी दिल्ली) इनके अलावा संस्थान के का. निदेशक डॉ. एस. ए. वासनवाला, का. कुलसचिव डॉ. डी. वी. भट्ट, का. हिन्दी  अधिकारी डॉ. के डी यादव मंचासीन थे |

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया गया तद्पश्चात डॉ. के डी यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की |  मुख्य अतिथि ने हिन्दी  की उपयोगिता के संदर्भ मे कई तथ्यों व राजभाषा नियमों  को प्रस्तुत किया और काम-काज के दौरान अनुवाद,टिप्पणियों के महत्वों एवम जरूरतों को भी समझाया |  का. निदेशक व का.कुलसचिव ने आयोजित कार्यशाला प्रशिक्षण की आवश्यकता को, पत्राचार के दौरान संस्थान मे घटित घटनाओं को उदहारण स्वरुप पेश कर समझाया और भविष्य में ऐसे और भी कार्यशाला आयोजित किये जायेंगे ऐसी घोषणा की | अंत में सभी अतिथियों को भेंट देकर धन्यवाद ज्ञापन के साथ उदघाटन समारोह  संपन्न हुआ | मंच संचालक की भूमिका स्वेता शाह एवं चंद्रशेखर प्रसाद निभा रहे थे |
कार्यशाला में भारत सरकार के  राजभाषा से जुड़े बिभिन्न राजभाषा नीति नियमों, व्याकरणिक भूलें एवं समाधान  देवनागरी लिपि एवं मानक वर्तनी  एवं कार्यशालयों का महत्व के बारों में,अर्धसरकारी पत्र  एवं सरकारी पत्रों का अनुवाद किस तरह से किया जाना चाहिए एवं  किस तरीके से किया जाना  चाहिए   किन किन बातों का ख्याल रखना चाहिए आदि के बारे में , डॉ. सुभाष चन्द्र एवं श्रीमती मीना गुप्ता(उपनिदेशक,राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो) द्वारा बताया जायेगा| 

Friday, February 21, 2014

धूमधाम से मनाया स्वामी विवेकानंद का जन्मदिवस

सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,सूरत एवं विवेकानंद शैक्षणिक सांस्कृतिक एवं क्रीडा संस्थान  के युग्म बैनर तले स्वामी विवेकानंद की 150वी जयंती स्वामी विवेकानंद भवन छात्रावास संपन्न हुआ|  समारोह में कार्यक्रम के अतिथि  डॉ. आर. ए. क्रिस्चन, डॉ. वी. एल. मानेकर, डॉ. जी. जे. जोशी, डॉ रविकांत, श्री एन. के. दत्ता, श्री शैलेन्द्र कुमार एवं स्वामी विवेकानंद भवन छात्रावास के मुख्य छात्रावास अधिक्षक डॉ ए. के. राय मंचासीन थे|


कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया | फिर आज बदलते परिवेश में भी स्वामी विवेकानंद जी के विचार कितने सार्थक एवं प्रासंगिक है –इसपर देर शाम चर्चा हुई | डॉ जी जे जोशी ने स्वामी जी के जीवन चरित्र- युवा पीढ़ी एवं उनके बताये गए संदेशों को विस्तृत रूप से समझाया | मौके पर डॉ आर ए क्रिस्चन ने कहा -सर्वधर्म सम्भाव के हिमायती थे विवेकानंद, मानवजाति का दुर्भाग्य है कि वह उन महर्षियों के सिधान्तो को न अपनाकर पथभ्रष्ट  हो रहे हैं |इसप्रकार सभी अतिथियों ने अपने अपने मंतव्य रखे |मौके पर छात्रावास प्रवंधन सचिव एवं विवेकानंद शैक्षणिक सांस्कृतिक एवं क्रीडा संस्थान के का. अध्यक्ष (गुजरात प्रभाग ) चन्द्रशेखर प्रसाद  ने चर्चा के दौरान कहा कि आखिर क्यों स्वामी जी का जीवन आज भी प्रासंगिक है ? इस बात कि पुष्टि के लिए उन्होंने स्वामी जी के जीवन चरित्र को आलोकित किया |जिस तरह अँधेरा  चीरने के लिए एक किरण काफी है उसी तरह युवा पीडी को मार्गदर्शित करने के लिए उनके सन्देश प्रयाप्त है | जहाँ समाज में भ्रष्टाचार ,असंतोष  व्याप्त है, नारियों के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे है ऐसी  परिस्थितियों में स्वामी जी युवाओं  के लिए प्रेरणा स्रोत हो सकते है| साथ ही छात्रावास प्रवंधन सचिव प्रतिक आनंद, अमित कुमार, प्रशांत अग्रवाल एवं छात्र की ओर से दीपंकर दास, आलोक कुमार, एवं जितेन्द्र कुमार  ने भी अपने –अपने मंतव्य रखे और स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला| अंत में डॉ. ए. के. राय  ने कहा आज समाज में संस्कारित व अनुशासित युवाओं की आवश्यकता है। आज का युवा पथ भ्रमित हो रहा है। अगर जरुरत है कि युवा पीढ़ी स्वामीजी के सन्देशों को चरितार्थ करे | स्वामी जी का सन्देश सभी छात्रों तक पहुंचे ,लोग उनको याद करके उनके सन्देश को चरितार्थ करे इसी लिए छात्रावास में भी इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया | उन्होंने  कार्यक्रम के आयोजको को धन्यवाद एवं शुभकामना दिया |

लोकतेज, सूरत

"कुछ पल आपके साथ" कार्यक्रम में अतिथि विशेष के रूप में चन्द्रशेखर प्रसाद

झारखण्ड राज्य की सांस्कृतिक राजधानी देवघर मुख्यालय स्थित विवेकानंद शैक्षणिक सांस्कृतिक एवं क्रीडासंस्थान  एवं  RV'S के बैनर तले "कुछ पल आपके साथ" कार्यक्रम में अतिथि विशेष के रूप में चन्द्रशेखर प्रसाद डॉ प्रदीप कुमार सिंह (राष्टीय अध्यक्ष )  मंचासीन थे| कार्यक्रम के अंतर्गत कई प्रतियोगिताओं का आयोजंन  किया गया था एवं समारोह में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया|साथ ही देवघर जिला के विभिन्न विद्यालयों के दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र व छात्रा जिन्होंने  बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक अंक से उतीर्ण हुए उन्हें मंचासीन अतिथियों के कर कमलों से सम्मनित किया गया| जिसका सीधा प्रसारण RV'S चैनल पर देखा जा सकता था |  


ज्ञात हो कि विवेकानंद संस्थान द्वारा महान संगीतज्ञ रवींद्र जैन, क्रिकेटर सौरभ गांगुली,लन्दन के डैनियल ब्रेट, डब्लू. डब्लू. ई. के फोटोग्राफर एम. के. मखारिया, एस. चंद एंड कंपनी, नवनीत पब्लिकेसंस, स्वदेशी ग्रुप ऑफ कंपनीज, सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान,सूरत एवं अन्य कई विशिष्ट व्यक्तित्व व संगठनों को पुरस्कृत किया जा चुका है |



साक्षात्कार : क्या साम्प्रदायिकता भारत का मूल चरित्र बन सकता है ??

चन्द्रशेखर प्रसाद : प्रश्न पूछते हुए -

आज कमोबेश समूचा भारत सांप्रदायिक ताकतों के बहलावे  में है| उत्तर क्या दक्षिण, क्या पूरब,
क्या पश्चिम हर तरफ सांप्रदायिक दंगों के चर्चे-परिचार्चे उत्सवों और मेलों की तरह मनाई जा रही है|
आपकी दृष्टि में इस समाज के लिए सुखद है या दुखद और साम्प्रदायिकता किस तरह हमारे जीवन 
में समां  चुकी है| हमें इससे निजात पाने के उपाय करने चाहिए या नहीं |

उत्तर देते हुए :

सोनालिका सिंह ( शिक्षिका, गणित विभाग एस.वी.एन.आई.टी.सूरत ),
संकिता पटेल     ( सहायक प्रोफेशर, कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग,एस.वी एन.आई.टी.सूरत ),
डॉ उपेना दलाल  ( एसोसिएट प्रोफेसर, इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग विभाग,एस.वी.एन.आई.टी.सूरत  ),
डॉ डिम्पल शाह   ( असिस्टेंट प्रोफेसर, भौतिकी विभाग, एस.वी.एन.आई.टी.सूरत ),
प्रीति गुप्ता         ( बिजनेस असोसिएट,इन्स्पिरोन टेक्नॉलोजी, नयी दिल्ली )


© चन्द्रशेखर प्रसाद